जब यह फिल्म भारत में रिलीज हुई, तब मल्टीप्लेक्स का जमाना नहीं था। सिंगल स्क्रीन थिएटर्स के बाद इस फिल्म ने , एचबीओ (HBO) और स्टार मूवीज (Star Movies) जैसे टीवी चैनलों पर हिंदी में बार-बार प्रसारित होकर अपनी जगह बनाई।

भारत में में लंबे समय तक केबल टीवी पर मौजूद रही। बाद में यह MX Player , Amazon Prime Video और YouTube पर भी आ गई (हालांकि हिंदी वर्जन हमेशा मौजूद नहीं रहता)। सोनी पिक्चर्स द्वारा इसे डीवीडी पर भी जारी किया गया था, और आज भी यह ऑनलाइन थर्ड-पार्टी विक्रेताओं से खरीदी जा सकती है।

क्या होगा अगर आपके खिलौने अचानक जिंदा हो जाएं और आपके खिलाफ ही हो जाएं? 1998 में आई फिल्म में यही अनोखा और थ्रिलिंग सीन दिखाया गया है। जोएल डांटे के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक साइंस-फिक्शन एक्शन-कॉमेडी है, जिसने क्लासिक फिल्म 'ग्रेमलिंस' के जादू को एक नए, डरावने अंदाज में दोहराया। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि आखिर 'स्मॉल सोल्जर्स' (छोटे सैनिक) कैसे बने, उनकी कहानी क्या है, और क्यों यह फिल्म आज भी देखने लायक है। यह फिल्म उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जिन्हें Sci-Fi, दमदार एक्शन और 90 के दशक की शानदार फिल्मों का शौक है। विशेष रूप से अगर आप हिंदी में मूवी देखना पसंद करते हैं, तो यह जानकारी आपके काम की है।

फिल्म की शुरुआत एक बचाव संगठन ग्लोबोटेक इंडस्ट्रीज से होती है। कंपनी नए मुनाफे के लिए एक टॉय कंपनी खरीद लेती है। उनका प्लान है कि दो नए एक्शन फिगर बनाए जाएंः , जो अत्यधिक प्रशिक्षित, हिंसक सैनिक हैं; और 'गोर्गोनाइट्स' , जो अजीब दिखने वाले लेकिन दयालु जीव हैं। इन खिलौनों को बनाने के लिए कंपनी का आलसी डिजाइनर लैरी, पुराने टेस्टिंग नियमों की अनदेखी करते हुए, ग्लोबोटेक के अत्याधुनिक X1000 माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल करता है। यह एक भयानक गलती साबित होती है।

छोटे सैनिक (Small Soldiers) एक मजेदार और रोमांचक फिल्म है, जो बच्चों और वयस्कों दोनों को पसंद आएगी। फिल्म की कहानी, अभिनय, और निर्देशन सभी उच्च गुणवत्ता के हैं। अगर आप एक मजेदार और रोमांचक फिल्म देखना चाहते हैं, तो छोटे सैनिक जरूर देखें।

(Glorious! Now we play by our rules!)

इस फिल्म की हिंदी डबिंग बहुत ही जबरदस्त है। किरदारों की आवाज़ें और डायलॉग्स फिल्म के रोमांच को दोगुना कर देते हैं।

Here are the options for the text related to :